फिट गंगानगर सोसायटी श्रीगंगानगर
नियम एवं विनियम (Rules & Regulations)
राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1958 (राजस्थान अधिनियम संख्या 28, 1958) के अंतर्गत पंजीकृत संस्था का मूल प्रशासनिक एवं वैधानिक विधान।
सदस्यता लेने से पहले नियम पढ़ें
सदस्यता शुल्क, पात्रता, अधिकार, बैठकों, वित्तीय व्यवस्था और आचार संहिता सहित सभी 28 नियम नीचे दिए गए हैं।
नियम 1: नाम
संस्था का नाम “फिट गंगानगर सोसायटी श्रीगंगानगर” होगा। अंग्रेजी में “FIT GANGANAGAR SOCIETY SRI GANGANAGAR” होगा।
नियम 2: सदस्यों का वर्गीकरण
संस्था में निम्न प्रकार के सदस्य हो सकेंगे:
- साधारण सदस्य
- आजीवन सदस्य
नियम 3: सदस्यों द्वारा प्रदत्त शुल्क
उक्त राशि एकमुश्त जमा कराई जा सकेगी।
- साधारण सदस्य: ₹2,100 रुपये वार्षिक
- आजीवन सदस्य: ₹11,000 रुपये आजन्म
नियम 4: साधारण सभा
संस्था की साधारण सभा सभी पात्र सदस्यों से मिलकर बनेगी।
नियम 5: साधारण सभा के अधिकार एवं कर्तव्य
- शासी निकाय का निर्वाचन करेगी।
- वार्षिक प्रतिवेदन पर विचार करेगी।
- आय-व्यय एवं लेखा परीक्षण रिपोर्ट पर विचार करेगी।
- वार्षिक बजट का अनुमोदन करेगी।
- संस्था की प्रमुख नीतियों पर विचार करेगी।
- लागू कानून के अनुसार संस्था के विघटन पर विचार करेगी।
- संस्था के कुल सदस्यों के 2/3 बहुमत से विधान में संशोधन, परिवर्तन अथवा परिवर्धन करेगी।
नियम 6: साधारण सभा की बैठकें
- साधारण सभा की वर्ष में एक बैठक अनिवार्य होगी। आवश्यकता पड़ने पर विशेष सभा अध्यक्ष / सचिव द्वारा कभी भी बुलाई जा सकेगी।
- बैठक की सूचना 7 दिन पूर्व व अत्यावश्यक बैठक की सूचना 3 दिन पूर्व दी जाएगी।
- साधारण सभा की बैठक का कोरम कुल सदस्यों का 1/3 होगा।
नियम 7: शासी निकाय
संस्था के दैनिक संचालन हेतु शासी निकाय होगा। शासी निकाय हेतु केवल आजीवन सदस्य पात्र होंगे। शासी निकाय में सामान्यतः निम्न पद होंगे:
- अध्यक्ष: 01
- उपाध्यक्ष: 01
- सचिव: 01
- संयुक्त सचिव: 02
- कोषाध्यक्ष: 01
- सदस्यगण: 05
नियम 8: कार्यकारिणी का निर्वाचन
शासी निकाय का कार्यकाल 02 वर्ष होगा। सदस्य पुनर्निर्वाचन हेतु पात्र होंगे, जब तक संस्था के नियमों अथवा लागू कानून में अन्यथा प्रावधान न हो।
नियम 9: कार्यकारिणी की बैठक एवं कोरम
शासी निकाय की बैठकें त्रैमासिक आयोजित की जाएंगी। आवश्यकता होने पर बैठकें अध्यक्ष / सचिव द्वारा कभी भी बुलाई जा सकेंगी।
बैठक का कोरम प्रबन्धकारिणी की कुल संख्या के आधे से अधिक होगा। बैठक की सूचना प्रायः 7 दिन पूर्व दी जाएगी तथा आवश्यकतानुसार बैठक की सूचना परिचालन से कम समय में दी जा सकेगी।
नियम 10: शासी निकाय के अधिकार एवं दायित्व
- संस्था की वार्षिक कार्ययोजना तैयार करेगा।
- श्रीगंगानगर वार्षिक जनसहभागिता कैलेंडर अनुमोदित करेगा।
- विभिन्न कार्यक्रमों के लिए समितियां गठित करेगा।
- जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों से समन्वय करेगा।
- सामाजिक, शैक्षणिक, व्यापारिक एवं औद्योगिक संस्थाओं को जोड़ेगा।
- CSR एवं अन्य वैध संसाधनों से सहयोग प्राप्त करने की व्यवस्था करेगा।
- संस्था की निधि एवं संपत्ति का संरक्षण करेगा।
- कर्मचारियों, विशेषज्ञों एवं सेवा प्रदाताओं की आवश्यकता के अनुसार नियुक्ति कर सकेगा।
- संस्था के बैंक खाते संचालित करेगा।
- वित्तीय एवं अन्य अभिलेखों का रख-रखाव सुनिश्चित करेगा।
- वार्षिक प्रतिवेदन तैयार करवाएगा।
- सलाहकार परिषद का गठन करेगा।
- संस्था के उद्देश्यों के अनुरूप अन्य आवश्यक कार्य करेगा।
नियम 11: शासी निकाय के पदाधिकारियों के अधिकार एवं दायित्व
अध्यक्ष
जिला कलक्टर, श्रीगंगानगर संस्था के पदेन अध्यक्ष होंगे।
- संस्था को नेतृत्व प्रदान करेंगे।
- साधारण सभा एवं शासी निकाय की बैठकों की अध्यक्षता करेंगे।
- संस्था का जिला स्तर पर प्रतिनिधित्व करेंगे।
- महत्वपूर्ण संस्थागत समन्वय में संस्था का प्रतिनिधित्व करेंगे।
- संस्था के कार्यक्रमों की समग्र निगरानी करेंगे।
उपाध्यक्ष
उपाध्यक्ष अध्यक्ष की सहायता करेगा तथा अध्यक्ष की अनुपस्थिति में अधिकृत कार्यों का निर्वहन करेगा।
सचिव
सचिव संस्था का मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी होगा।
- संस्था के दैनिक कार्यों का संचालन करेगा।
- बैठकें बुलाएगा।
- बैठक की कार्यवाही तैयार करवाएगा।
- जिला प्रशासन एवं अन्य विभागों से पत्राचार करेगा।
- वार्षिक जनसहभागिता कैलेंडर के क्रियान्वयन का समन्वय करेगा।
- कार्यक्रम समितियों के साथ समन्वय करेगा।
- संस्था के अभिलेखों का रख-रखाव सुनिश्चित करेगा।
- शासी निकाय के निर्णयों को लागू करेगा।
- वार्षिक रिपोर्ट तैयार करवाएगा।
संयुक्त सचिव
संयुक्त सचिव सचिव की सहायता करेगा तथा सचिव की अनुपस्थिति में शासी निकाय द्वारा अधिकृत कार्यों का निर्वहन करेगा।
कोषाध्यक्ष
- संस्था की आय-व्यय का लेखा रखेगा।
- बैंक खाते एवं वित्तीय अभिलेखों की निगरानी करेगा।
- बजट तैयार करने में सहयोग करेगा।
- भुगतान एवं व्यय का रिकॉर्ड रखेगा।
- वार्षिक वित्तीय विवरण तैयार करवाएगा।
- लेखा परीक्षण की व्यवस्था करेगा।
- निधियों के उचित उपयोग की निगरानी करेगा।
नियम 12: जिला प्रशासन समन्वय प्रकोष्ठ
संस्था में “जिला प्रशासन समन्वय प्रकोष्ठ” बनाया जा सकेगा। इस बाबत शासी निकाय द्वारा अपेक्षित प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया जाएगा। इसमें निम्न पदेन सदस्य होंगे:
इसका उद्देश्य जिला प्रशासन, संस्था एवं अन्य आयोजकों के मध्य समन्वय स्थापित करना होगा।
- मुख्य कार्यकारी / अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद
- अतिरिक्त जिला कलक्टर
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
- उप निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
- प्रभारी जिला खेल अधिकारी
- जिला कोषाधिकारी
प्रकोष्ठ के कार्य
- कार्यक्रमों की पूर्व सूचना / समन्वय करेगा।
- आवश्यक अनुमति / मार्गदर्शन प्राप्त करने में सहायता करेगा।
- विभागीय समन्वय स्थापित करेगा।
- कार्यक्रमों की रिपोर्ट तैयार करेगा।
- जिला स्तर पर संस्था की जनसहभागिता गतिविधियों का समन्वय करेगा।
नियम 13: वार्षिक जिला जनसहभागिता कैलेंडर
प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए संस्था एक “श्रीगंगानगर वार्षिक जनसहभागिता कैलेंडर” तैयार करेगी। इसमें निम्न कार्यक्रम शामिल किए जा सकेंगे। कार्यक्रमों की वास्तविक तिथियां जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के साथ समन्वय से निर्धारित की जा सकेंगी।
जनवरी–मार्च
- युवा खेल गतिविधियां
- स्वास्थ्य जागरूकता
- स्वच्छता कार्यक्रम
- विद्यार्थी सहभागिता
अप्रैल–जून
- पर्यावरण जागरूकता
- वृक्षारोपण
- जल संरक्षण
- योग एवं फिटनेस गतिविधियां
जुलाई–सितम्बर
- हरित श्रीगंगानगर अभियान
- खेल गतिविधियां
- स्वास्थ्य कार्यक्रम
- युवा स्वयंसेवक कार्यक्रम
अक्टूबर–दिसम्बर
- जिला स्थापना दिवस संबंधी गतिविधियां
- खेल महोत्सव
- स्वच्छता अभियान
- नशामुक्ति जागरूकता
- सामाजिक समरसता कार्यक्रम
नियम 14: CSR, संस्थागत एवं निजी सहयोग
संस्था लागू कानूनों के अनुसार CSR, संस्थागत एवं निजी सहयोग प्राप्त कर सकेगी। इस निधि का उचित लेखा एवं दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
नियम 15: बैंक खाता
संस्था के नाम से बैंक खाता खोला जाएगा। खाते का संचालन शासी निकाय के निम्न पदाधिकारियों में से कम से कम दो पदाधिकारियों के संयुक्त हस्ताक्षर से किया जाएगा। हस्ताक्षरकर्ताओं का निर्धारण शासी निकाय द्वारा किया जाएगा।
- अध्यक्ष / उपाध्यक्ष
- सचिव
- कोषाध्यक्ष
नियम 16: वित्तीय प्रबंधन
संस्था की समस्त आय एवं निधि का उपयोग केवल संस्था के उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। संस्था:
- उचित लेखा रखेगी।
- बैंक रिकॉर्ड सुरक्षित रखेगी।
- भुगतान के दस्तावेज रखेगी।
- वार्षिक लेखा परीक्षण करवाएगी।
- वित्तीय विवरण साधारण सभा के समक्ष रखेगी।
नियम 17: सदस्य को निजी लाभ निषिद्ध
संस्था के किसी सदस्य या पदाधिकारी को संस्था के लाभ, अधिशेष अथवा संपत्ति का निजी लाभ नहीं दिया जाएगा।
वास्तविक खर्च की प्रतिपूर्ति एवं संस्था के लिए वास्तविक सेवाओं के उचित पारिश्रमिक की अनुमति रहेगी।
नियम 18: हितों का टकराव
किसी सदस्य या पदाधिकारी का किसी विषय में व्यक्तिगत आर्थिक हित होने पर वह इसकी जानकारी शासी निकाय को देगा और आवश्यकतानुसार संबंधित निर्णय प्रक्रिया से अलग रहेगा।
नियम 19: संपत्ति
संस्था की सभी चल एवं अचल संपत्ति संस्था की संपत्ति होगी। किसी सदस्य को संस्था की संपत्ति पर व्यक्तिगत स्वामित्व का अधिकार नहीं होगा।
अचल संपत्ति का अधिग्रहण, विक्रय अथवा हस्तांतरण लागू कानून एवं सक्षम निकाय की स्वीकृति के अनुसार किया जाएगा।
नियम 20: वार्षिक प्रतिवेदन
संस्था प्रत्येक वर्ष एक “वार्षिक प्रतिवेदन” तैयार करेगी। इसमें निम्न विवरण दिया जा सकेगा:
- कार्यक्रम
- सहभागिता
- लाभार्थी
- संस्थागत सहयोग
- CSR सहयोग
- निजी सहयोग
- वित्तीय विवरण
- प्रमुख उपलब्धियां
नियम 21: सम्मान एवं पुरस्कार
संस्था निम्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए वार्षिक सम्मान प्रदान कर सकेगी:
- खेल
- स्वास्थ्य जागरूकता
- पर्यावरण
- स्वच्छता
- नशामुक्ति जागरूकता
- सामाजिक सेवा
- युवा नेतृत्व
- शिक्षा
- स्थानीय संस्कृति
नियम 22: संस्था की पहचान
संस्था के पदाधिकारी एवं स्वयंसेवक अपने पद / भूमिका का उपयोग किसी सरकारी पद अथवा सरकारी अधिकार के रूप में नहीं करेंगे।
संस्था के पत्र, बैनर, प्रमाण-पत्र एवं प्रचार सामग्री में संस्था का नाम एवं गैर-सरकारी स्वरूप स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।
नियम 23: सरकारी विभागों के साथ सहयोग
संस्था जिला प्रशासन, नगर परिषद / नगरपालिका, पंचायत राज संस्थाओं, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, खेल विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ लागू कानून एवं आवश्यक अनुमति के अधीन सहयोग कर सकेगी।
नियम 24: नियमों में संशोधन
इन नियमों एवं विनियमों में संशोधन लागू कानून एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार साधारण सभा / सक्षम निकाय द्वारा किया जाएगा, जिसे Registrar को सूचना / अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।
नियम 25: संस्था का विघटन
संस्था का विघटन राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1958 तथा अन्य लागू कानूनों के अनुसार किया जाएगा।
विघटन के बाद देनदारियों के निपटारे के पश्चात शेष संपत्ति किसी सदस्य अथवा पदाधिकारी को वितरित नहीं की जाएगी।
शेष संपत्ति समान उद्देश्यों वाली किसी अन्य गैर-लाभकारी संस्था को लागू कानूनी प्रक्रिया के अनुसार हस्तांतरित की जाएगी।
नियम 26: राजनीतिक निष्पक्षता
संस्था किसी राजनीतिक दल के चुनावी प्रचार अथवा राजनीतिक लाभ के लिए संस्था के नाम, संसाधन अथवा आधिकारिक मंच का उपयोग नहीं करेगी।
नियम 27: वैधानिक अनुपालन
संस्था राजस्थान सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1958 तथा संस्था पर लागू अन्य सभी कानूनों, नियमों एवं विनियमों का पालन करेगी।
किसी प्रावधान की लागू कानून से असंगति होने पर लागू कानून प्रभावी होगा।
नियम 28: प्रमाणन
अधोहस्ताक्षरी संस्थापक सदस्य प्रमाणित करते हैं कि उपर्युक्त नियम एवं विनियम “फिट गंगानगर सोसायटी श्रीगंगानगर” के संचालन के लिए स्वीकृत हैं तथा संस्था के ज्ञापन-पत्र के अनुरूप हैं।
स्थान: श्रीगंगानगर, राजस्थान।
आइए, मिलकर बनाएं स्वस्थ व स्वच्छ श्रीगंगानगर
चाहे आप धावक हों, पर्यावरण प्रेमी हों, स्वयंसेवक हों या प्रबुद्ध नागरिक — फिट गंगानगर सोसायटी से जुड़कर अपने शहर को नई पहचान दें।